वयस्क अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ शादी करने और रहने के लिए स्वतंत्र हैं: इलाहाबाद उच्च न्यायालय

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा कि एक वयस्क अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ शादी करने या उसके साथ रहने के लिए स्वतंत्र है और उनके माता-पिता या उनकी ओर से कोई भी, साथी चुनने की उनकी स्वतंत्रता के अधिकार में हस्तक्षेप नहीं कर सकता है। अदालत ने कहा, यह स्वतंत्रता संविधान द्वारा प्रदत्त जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार से उत्पन्न होती है।

वयस्क अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ शादी करने और रहने के लिए स्वतंत्र हैं: इलाहाबाद उच्च न्यायालय
वयस्क जिससे चाहें शादी कर सकते हैं, इलाहाबाद उच्च न्यायालय (फाइल)

उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि एक वयस्क अपनी पसंद के व्यक्ति से शादी करने या उसके साथ रहने के लिए स्वतंत्र है और उनके माता-पिता या उनकी ओर से कोई भी व्यक्ति, साथी चुनने की उसकी स्वतंत्रता के अधिकार में हस्तक्षेप नहीं कर सकता है.

अदालत ने कहा कि यह स्वतंत्रता संविधान द्वारा प्रदत्त जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार से उत्पन्न होती है.

अपनी याचिका में मुस्लिम महिला और उसके हिंदू लिव-इन पार्टनर ने मांग की थी कि उनके परिवार के सदस्यों को उनके शांतिपूर्ण जीवन में हस्तक्षेप न करने का निर्देश दिया जाए. उन्होंने सुरक्षा के लिए पुलिस को निर्देश देने की भी मांग की थी.

याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि दोनों वयस्क हैं और अपनी मर्जी से लिव-इन रिलेशनशिप में हैं. आगे कहा गया कि महिला की मां और परिवार लिव-इन रिलेशनशिप के खिलाफ हैं.

महिला ने बीते 4 अगस्त को गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट के पुलिस कमिश्नर से सुरक्षा मांगी थी, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ तो उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया.

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